आसमान से गिरती पानी की बूंदे प्रक्रति का जीवन वरदान ही तो है / परमात्मा का निर्मल रूप है आसमान से गिरती पानी की बूंदे / ऐसा कौन अभागा इस धरा पर होगा जिसने रिमछिम बारिश का खुले आसमान तले परम आनन्द न लिया हो/ पेड़ो का नई कोपलो के साथ लहराना नन्ही दूर्वा का हरी चुनरिया ओढना नन्हे बच्चो का आसमान से गिरती बूंदों को पकड़ना और उन का उन्मुक्त करलव करते देखना ईश्वर दर्शन करना ही है
सोमवार, 25 जुलाई 2011
शनिवार, 2 जुलाई 2011
हर वक्त
हर वक्त कौन चलता है
एक दिन बाद्शाह ने दरबारियों से पूछा कि हर समय कौन चलता है उत्तर मे किसी ने पृथ्वी, किसी ने चन्द्रमा को बताया तथा किसी ने हवा आदि को बताया ।
बादशाह ने यह प्रश्न बीरबल से पूछा तो उन्होने उत्तर दिया की अली जहां ! महाजन का ब्याज हर समय चलता रह्ता है इसे कभी थकावट नही होती। दिन दुगनी और रात चौगुनी वेग से चलता है । बाद्शाह को यह उत्तर पसंद आया।
एक दिन बाद्शाह ने दरबारियों से पूछा कि हर समय कौन चलता है उत्तर मे किसी ने पृथ्वी, किसी ने चन्द्रमा को बताया तथा किसी ने हवा आदि को बताया ।
बादशाह ने यह प्रश्न बीरबल से पूछा तो उन्होने उत्तर दिया की अली जहां ! महाजन का ब्याज हर समय चलता रह्ता है इसे कभी थकावट नही होती। दिन दुगनी और रात चौगुनी वेग से चलता है । बाद्शाह को यह उत्तर पसंद आया।
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