हमारे लोकतंत्र के मन्दिर (संसद) बैठे देवता गण जरुर आप से युध्द कर आप को पराजित करेगे / भष्टाचार भाई का चहेरा गुस्से से तमतमा गया फिर खुद पर काबू रख कर बोले अच्छे से सुन ले जिन्हें तू देवता कह रहा है उन्हें तो वंहा पहुचने में मेरा आशीर्बाद लेना पड़ा था ओर सुन मेरी एक महिला पुजारिन (नीरा राडिया) है जिसके मार्फत वे लोग दिन रात मेरी पूजा कर प्रसादी खा रहे है पूर्व में भी मेरा एक अच्छा पुजारी था तुझ जैसे साधारण आदमी उसे चन्द्रास्वामी के नाम से जानते थे / मेरा तो दिमाग भन्ना रहा था भ्रष्टाचार भाई ने मुस्करा कर कहा आज मेरा भी मन तुछ से बात दिल खोलकर करने का है अब तू ही बता इटली से क्वात्रोची भारत क्यों आया था अरे सीधी सी बात है वह मेरा विदेशी भक्त था आया पूजा की ओर प्रसाद खाया वापिस चला गया परन्तु तुम लोगो क्या हाय तोवा मचाई मुझे आज तक याद है / हर्षद - तेलगी - कलमाडी - राजा - (आई.पी.एल)खेल तो मेरे मोहरा थे जिन्हें मैंने ही शह ओर मात के खेल चल दिया है भष्टाचार भाई ने कहा मै तुझे आज एक अंदर की बात बताऊ तेरे सारे देश में मेरे लाखो अनुयायी फैले है वे दिन रात मेरी पूजा कर प्रसादी खा रहे है ओर तुझे ये तो अच्छे से पता है तेरे देश मै लोकतंत्र है ओर लोकतंत्र में उस की चलती है जिस पास अनुयायी ज्यादा हो शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010
बात का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए मैंने भ्रष्टाचार से पूछा जब आप भगवान का ही रूप हो तो आपके भक्त भी होगे वह मंद मंद मुस्कराया ओर बोला भक्त के बगैर तो भगवान वजूद इस लोक तो क्या परलोक में भी नही है मेरे भी कुछ परम भक्त है जिन की सेवा से ही मै इस में लोक निबास कर रहा हु / मेरा मन विष्मय से भर गया हिम्मत करके मैंने पूछा भाई कुछ भक्तो नाम तो लो भ्रष्टाचार भाई भी बात करने के मूढ़ थे बोले सुन कृष्ण ने सुदामा को कैसे धनवान बना दिया था / सुदामा में तो अक्ल थी ही नही वो तो उस की पत्नी समझदार थी उसने उपरी भेंट देने के लिए चावल की पोटली भेज दी थी ओर सब कमाल उस पोटली का था ऐसे ही मेरे भक्त मुझे भेंट लाते है अब तू ही देख ३०-३५ वर्ष पूर्व जो गुजरात का आम आदमी था वह आज देश का सबसे धनवान आदमी है क्या मेरे बिना यह समभ है कल तक जो धूल में चलते थे वह आज विमान में चल रहे है सब मेरी माया है मैंने कहा
हमारे लोकतंत्र के मन्दिर (संसद) बैठे देवता गण जरुर आप से युध्द कर आप को पराजित करेगे / भष्टाचार भाई का चहेरा गुस्से से तमतमा गया फिर खुद पर काबू रख कर बोले अच्छे से सुन ले जिन्हें तू देवता कह रहा है उन्हें तो वंहा पहुचने में मेरा आशीर्बाद लेना पड़ा था ओर सुन मेरी एक महिला पुजारिन (नीरा राडिया) है जिसके मार्फत वे लोग दिन रात मेरी पूजा कर प्रसादी खा रहे है पूर्व में भी मेरा एक अच्छा पुजारी था तुझ जैसे साधारण आदमी उसे चन्द्रास्वामी के नाम से जानते थे / मेरा तो दिमाग भन्ना रहा था भ्रष्टाचार भाई ने मुस्करा कर कहा आज मेरा भी मन तुछ से बात दिल खोलकर करने का है अब तू ही बता इटली से क्वात्रोची भारत क्यों आया था अरे सीधी सी बात है वह मेरा विदेशी भक्त था आया पूजा की ओर प्रसाद खाया वापिस चला गया परन्तु तुम लोगो क्या हाय तोवा मचाई मुझे आज तक याद है / हर्षद - तेलगी - कलमाडी - राजा - (आई.पी.एल)खेल तो मेरे मोहरा थे जिन्हें मैंने ही शह ओर मात के खेल चल दिया है भष्टाचार भाई ने कहा मै तुझे आज एक अंदर की बात बताऊ तेरे सारे देश में मेरे लाखो अनुयायी फैले है वे दिन रात मेरी पूजा कर प्रसादी खा रहे है ओर तुझे ये तो अच्छे से पता है तेरे देश मै लोकतंत्र है ओर लोकतंत्र में उस की चलती है जिस पास अनुयायी ज्यादा हो
हमारे लोकतंत्र के मन्दिर (संसद) बैठे देवता गण जरुर आप से युध्द कर आप को पराजित करेगे / भष्टाचार भाई का चहेरा गुस्से से तमतमा गया फिर खुद पर काबू रख कर बोले अच्छे से सुन ले जिन्हें तू देवता कह रहा है उन्हें तो वंहा पहुचने में मेरा आशीर्बाद लेना पड़ा था ओर सुन मेरी एक महिला पुजारिन (नीरा राडिया) है जिसके मार्फत वे लोग दिन रात मेरी पूजा कर प्रसादी खा रहे है पूर्व में भी मेरा एक अच्छा पुजारी था तुझ जैसे साधारण आदमी उसे चन्द्रास्वामी के नाम से जानते थे / मेरा तो दिमाग भन्ना रहा था भ्रष्टाचार भाई ने मुस्करा कर कहा आज मेरा भी मन तुछ से बात दिल खोलकर करने का है अब तू ही बता इटली से क्वात्रोची भारत क्यों आया था अरे सीधी सी बात है वह मेरा विदेशी भक्त था आया पूजा की ओर प्रसाद खाया वापिस चला गया परन्तु तुम लोगो क्या हाय तोवा मचाई मुझे आज तक याद है / हर्षद - तेलगी - कलमाडी - राजा - (आई.पी.एल)खेल तो मेरे मोहरा थे जिन्हें मैंने ही शह ओर मात के खेल चल दिया है भष्टाचार भाई ने कहा मै तुझे आज एक अंदर की बात बताऊ तेरे सारे देश में मेरे लाखो अनुयायी फैले है वे दिन रात मेरी पूजा कर प्रसादी खा रहे है ओर तुझे ये तो अच्छे से पता है तेरे देश मै लोकतंत्र है ओर लोकतंत्र में उस की चलती है जिस पास अनुयायी ज्यादा हो बुधवार, 22 दिसंबर 2010
नूरा कुश्ती
हमारे सभी राजनेतिक दलों के नेता भ्रष्टाचार को देश से खदेड़ने के लिए कमर कसकर संसद में खड़े है ओर भ्रष्टाचार सारे देश में मजे से घूम रहा है किसी भी बैक लाकर से नोट - सोना - प्रापर्टी के कागजात उगलने लगता है / मैंने भ्रष्टाचार भाई से पूछा की हमारे नेता पुलिस अदालत शासन प्रशासन सभी आपके पीछे पड़े फिर भी आप मजे से धूमते हुए हर बड़ी से बड़ी ओर छोटी से छोटी जगह मिल जाते हो आप को डर नही लगता / उस ने मुछे उपर से नीचे घूरकर देखा उस की आखो का तेज महाबलशाली शरीर सही रूप मेरे सामने था मै कापने लगा वह खिलखिला कर हंसा ओर बोला नादान मै परमत्मा का ही रूप हु मै हर आफिस - नेता - अदालत - बैक -खेल - राजनीती - पटवारी से लेकर प्रधानमन्त्री तक मै तुझे किसी ना किसी रूप में मिल ही जाउगा अब तू ही बता मुझे कौन छेड़ सकता है मैंने कहा इस बार जरुर आप के खिलाफ कुछ ना कुछ होगा हमारी संसद देखो कितने दिनों से ठप्प है वह फिर हसा ओर बोला तूने कभी टी. बी. पर नूरा कुश्ती देखी है ये सब भी नूरा कुश्ती है
सोमवार, 20 दिसंबर 2010
क्या होगा
दिमाग मै एक उलझन हमेशा बनी रहती है की सही क्या है और गलत क्या है जिस के विचारो का
समर्थन ना करो वही गलत कहता है जबकि हमे अच्छी तरह से पता होता है वह क्या चाहिता है और हम क्या चाहते है पागलपन ही अच्छा होता है कम से कम आदमी दिल खोल कर सच तो बोलता है पर हम उसे पगला कह कर चुप करा देते है अहंकार की तुष्टि हेतु हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते है मै सर्वक्षेष्ट तू कुछ नही इसी भावना को हम सब ने अपना लिया है
बुधवार, 15 दिसंबर 2010
AATMA
आज रात ८ बजे बीबीसी पर एक खबर देखी रात भर नीद ना आ सकी एक पति ने अपनी पत्नी को मारकर फ्रिज में पूरे दो माह रखे रहा / मन में बिचार आते रहे की आदमी इतना हैवान कैसे हो जाता है इस देहरादून निवासी आदमी को किस उपमा से स्म्वोधित करु-- हैवान- शैतान - रक्षिक्ष -आदमखोर शायद इन में से कोई नही / इस आदमी के लिऐ हमारे समाज को को नय संवोधन गढ़ ना होगा ?????????????????????
गुरुवार, 9 दिसंबर 2010
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