बुधवार, 22 दिसंबर 2010

नूरा कुश्ती

हमारे सभी राजनेतिक दलों के नेता भ्रष्टाचार को देश से खदेड़ने के लिए कमर कसकर संसद में खड़े है ओर भ्रष्टाचार सारे देश में मजे से घूम रहा है किसी भी बैक लाकर से नोट - सोना - प्रापर्टी के कागजात उगलने लगता है / मैंने भ्रष्टाचार भाई से पूछा की हमारे नेता पुलिस अदालत शासन प्रशासन सभी आपके पीछे पड़े फिर भी आप मजे से धूमते हुए हर बड़ी से बड़ी ओर छोटी से छोटी जगह मिल जाते हो आप को डर नही लगता /  उस ने मुछे उपर से नीचे घूरकर देखा उस की आखो का तेज महाबलशाली शरीर सही रूप मेरे सामने था मै कापने लगा वह खिलखिला कर हंसा ओर बोला नादान मै परमत्मा का ही रूप हु मै हर आफिस - नेता - अदालत - बैक -खेल - राजनीती - पटवारी से लेकर प्रधानमन्त्री तक मै तुझे किसी ना किसी रूप में मिल ही जाउगा अब तू ही बता मुझे कौन छेड़ सकता है मैंने कहा इस बार जरुर आप के खिलाफ कुछ ना कुछ होगा हमारी संसद देखो कितने दिनों से ठप्प है वह फिर हसा ओर बोला तूने कभी टी. बी. पर नूरा कुश्ती देखी है ये सब भी नूरा कुश्ती है

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपको पढकर बहुत अच्‍छा लगा .. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका सवागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  2. शानदार पेशकश।

    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
    सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित हिंदी पाक्षिक)एवं
    राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    0141-2222225 (सायं 7 सम 8 बजे)
    098285-02666

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