
सपना एक अपने सपनों का देश बनाने का पर अफ़सोस यहा हर चीज को राजनीती के चश्मे से देखा जाता है / ऐसे शख्स की जब अमरीका की अदना सी एयर लायंस तलाशी लेने की जुरत करती है तो हमारा सिर शर्म से झुक जाता है / इस सब के लिए कौन जुम्मेदार है हम या हमारी शासन व्यवस्था या हमारे राजनेता ----????????????? अब तो रहीम दोहा ही हमे कुछ सहारा दे ---
जो बडें को लधु कहे_नहीं रहीम घटि जाही / गिरधर मुरलीधर कहे _कछु दुःख मानत नाहि /
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