गुरुवार, 9 दिसंबर 2010

एपीजे अब्दुल कलामसपना एक अपने सपनों का देश बनाने का पर अफ़सोस यहा हर चीज को राजनीती के चश्मे से देखा जाता है /  ऐसे शख्स की जब अमरीका की अदना सी एयर लायंस तलाशी लेने की जुरत करती है तो हमारा सिर शर्म से झुक जाता है / इस सब के लिए कौन  जुम्मेदार है हम या हमारी शासन व्यवस्था या हमारे राजनेता ----?????????????  अब तो रहीम दोहा  ही हमे कुछ सहारा दे ---जो बडें को लधु कहे_नहीं रहीम घटि जाही   /  गिरधर मुरलीधर कहे _कछु दुःख मानत नाहि  /

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें