संन्यासी [ साधू ] होना आज कल फैशन हो गया है या यह कहे की पैसा कमाने का एक सुलभ जरिया हो गया है मठो की आपसी होड़ / संन्यासियों के सर्वसुविघा युक्त मठ किस दिशा के प्रतीक है / सच्चा संन्यसी तो हमारे आपके पडोस में ही रहता है जो अपना जीवन परिजनों की सेवा एवम समाजिक दायुत्य पूरा में लगा देता है / समाज एवम परिजनों से भागा आदमी कभी संन्यसी नही हो सकता / हाँ ढोगी जरुर हो सकता है / शुक्रवार, 25 मार्च 2011
संन्यास
संन्यासी [ साधू ] होना आज कल फैशन हो गया है या यह कहे की पैसा कमाने का एक सुलभ जरिया हो गया है मठो की आपसी होड़ / संन्यासियों के सर्वसुविघा युक्त मठ किस दिशा के प्रतीक है / सच्चा संन्यसी तो हमारे आपके पडोस में ही रहता है जो अपना जीवन परिजनों की सेवा एवम समाजिक दायुत्य पूरा में लगा देता है / समाज एवम परिजनों से भागा आदमी कभी संन्यसी नही हो सकता / हाँ ढोगी जरुर हो सकता है /
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