सरकार किस हद तक विवेक शून्य हो चुकी है इस का उदाहरन दिल्ली के रामलीला मैदान में देखने को कल मिला / सरकार रूपी रथ को बेलगाम मंत्री रूपी अश्व अँधेरी खाई की तरफ सतत्त लिए जा रहे है कोई भी सभ्य सरकार अपने ही नागरिको पर रात्रि 1 बजे सोते मे पाशविक तरीके से कार्यवाही नही कर सकती /
जरनल डायर ने तो कम से कम शूट आउट दिन के उजाले में किया था ?????
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